फिल्म की खास बात यह है कि मुख्य अभिनेत्री सहित अधिकांश कलाकार छत्तीसगढ़ से हैं, जिन्होंने अपनी प्रभावशाली अभिनय प्रतिभा से फिल्म को नई पहचान दिलाई है। वहीं छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील, अजय कुमार, राजू गुप्ता, सरवन गुप्ता तथा भिलाई के अन्य कलाकारों ने भी साइड रोल के माध्यम से अपनी भूमिका निभाई है।

भिलाई। भारत विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म “बंगाल 1947″, जो पहले ही सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है। फिल्म का विशेष प्रदर्शन 5 अगस्त को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित क्वाड सिनेमा (Quad Cinema) में आयोजित इंडी फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड्स (IFFA) के अंतर्गत किया जाएगा। यह भारतीय सिनेमा के साथ-साथ भिलाई के लिए भी गर्व का विषय है।फिल्म का निर्माण कॉमफेड प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड एवं थिंक टैंक ग्लोबल के बैनर तले किया गया है। फिल्म का लेखन एवं निर्देशन आकाशादित्य लामा ने किया है, जबकि निर्माता सतीश पांडे, आकाशादित्य लामा एवं ऋषभ पांडे हैं।”बंगाल 1947” भारत विभाजन के समय की मानवीय संवेदनाओं, प्रेम, बिछड़न और सामाजिक परिस्थितियों पर आधारित एक भावनात्मक फिल्म है, जिसे दर्शकों और समीक्षकों द्वारा सराहा गया है। अब इसका अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शन भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।भिलाई के लिए यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस फिल्म में छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील ने पंडित की एक छोटे (साइड) रोल में अभिनय किया है। इसके अलावा भिलाई के अजय कुमार, राजू गुप्ता, सरवन शर्मा, देवेश तथा अन्य स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी-अपनी भूमिकाओं का निर्वहन किया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित होने जा रही इस फिल्म में भिलाई के कलाकारों की सहभागिता से शहरवासियों और बंगाली समाज में खुशी एवं गर्व का माहौल है।फिल्म का न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाला यह विशेष प्रदर्शन भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ स्थानीय छत्तीसगढ़ कलाकारों की प्रतिभा को भी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगा। भिलाई के नागरिकों ने फिल्म की पूरी टीम तथा इससे जुड़े सभी स्थानीय कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए इस उपलब्धि को शहर के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है।





