मां काली की पूजा के साथ मां के सामने समय बिताने से मिलेगा सकारात्मक उर्जा ।
बंगाली नव वर्ष पोइला बैसाख के दिन बंगाली समाज के लोगों के साथ सभी समाज के लोगों से छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज के प्रदेशाध्यक्ष सुमन शील ने काली मंदिरों में पूजा करने एवं समय बिताने का आह्वान किया है। सुमन शील ने कहा है कि पोइला बैसाख के दिन मंदिरों में अधिक से अधिक समय को बिताने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति, नई शुरुआत के साथ सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि मिलती है। बंगाली नव वर्ष के दिन अधिकतर बंगाली समाज के लोग पारंपरिक परिधान पहनकर घर पर गणेश-लक्ष्मी की पूजा करते हैं और मंदिर जाते हैं। पोइला बैसाख का पहला दिन नए साल की शुरुआत का प्रतीक काली मंदिर का दर्शन भी है और इस दिन काली मंदिर में मां काली का आशीर्वाद लेना शुभ माना जाता है एवं इस दिन मां काली की पूजा के साथ मां के सामने समय बिताने से सकारात्मक ऊर्जा के साथ मानसिक प्रसन्नता साल भर बना रहता है ।







