मंदिर में हुआ लोकप्रिय बताशा लुट की प्रथा ।

गुरु पूर्णिमा के दिन विष्णु मंदिर में पूजा अर्चना का विशेष महत्व है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं, और अपने गुरुओं का सम्मान करते हैं। गुरु पूर्णिमा, जिसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है, आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह दिन महर्षि वेद व्यास के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने वेदों का विभाजन किया और पुराणों की रचना की।


गुरु पूर्णिमा का पर्व देशभर में पारंपरिक हर्षोल्लास, श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया । इस पावन अवसर पर गुरुओं की पूजा का विशेष महत्त्व है । भिलाई नगर कालीबाड़ी सेक्टर 6 में भी गुरु पूर्णिमा की रौनक देखी गई। कालीबाड़ी के विष्णु मंदिर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दिव्य आरती के साथ पण्डित मानस मिश्र के द्वारा विष्णु एवं लक्ष्मी पूजा अर्चना की गई । विष्णु पूजा के दौरान पण्डित मानस मिश्र द्वारा बताशेर लुठ की लोकप्रिय प्रथा भी कराई गई। इस लोकप्रिय प्रथा के तहत विष्णु देवता को चढ़ाया गया मुख्य प्रसादों में से बताशा का प्रसाद बताशा का लूट भक्तों के बीच वितरित किया जाता है, जो इसे एक-दूसरे से छीनने की कोशिश करते हैं। इस अवसर पर चौधरी परिवार की ओर से स्वर्गीय सीताराम चौधरी के जन्म दिवस पर उनके नाम से पूजा अर्चना भी सम्पन्न कराई गई।


पूजा के उपरांत विभिन्न चढ़ाए गए फल एवं सिन्नी प्रसाद का वितरण किया गया । जिसमें उपस्थित भक्तों ने श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया ।



