ममता बनर्जी को पत्र भेजकर विनती की गई है दीघा जगन्नाथ धाम मंदिर का शुद्ध अशुद्ध और भगवान को सुलाने जगाने की सारी प्रक्रिया साधु और संत के हिसाब से करें ।

मुसलमान बना रहे दीघा के जगन्नाथ धाम मंदिर का प्रसाद का मामला सामने आने पर छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज के प्रदेशाध्यक्ष सुमन शील ने कोलकाता के दीघा जगन्नाथ धाम मंदिर में प्रसाद बनाने का ठेका ममता बनर्जी द्वारा मुस्लिमों को दिया जाना सीधा-सीधा सनातन हिंदुओं का अपमान किए जाने के साथ सनातन धर्म पर हमला एवं बर्दाश्त करने की सीमा से बाहर बताते हुए सनातन हिंदू धर्म को नष्ट करने की साजिश बताया है। सुमन शील ने कहा है कि धर्म एक आस्था का प्रतीक है, नाही किसी के धर्म पर राजनीति होनी चाहिए और नाही किसी के धर्म के आस्था के ऊपर सरकार की मनमानी, इसलिए धार्मिक मान्यता के अनुसार जिस तरह मुसलमान धर्म में मुसलमानों का मानना है कि केवल अल्लाह ही इबादत के लायक है और किसी भी देवता या मूर्ति को चढ़ाई गई चीज का सेवन करना इस्लाम में स्वीकार्य नहीं है तथा सांस्कृतिक दृष्टिकोण एवं अन्य कारण के अनुसार कुछ मुसलमानों का मानना है कि मंदिर या अन्य धार्मिक स्थलों से प्रसाद लेने से वे अशुद्ध हो जाएंगे, खासकर यदि प्रसाद को किसी देवता की मूर्ति पर चढ़ाया गया हो, उसी तरह हिंदू सनातन धर्म में मंदिर सनातनियों की आस्था का केंद्र है और आस्था के केंद्र के भीतर भगवान को चढ़ाया जाने वाला मुसलमान के द्वारा बनाया गया प्रसाद अपवित्र माना जाता है। कितनी लज्जाजनक बात है भारत देश हिंदु बहुसंख्यक आबादी वाला देश होने के बावजूद दीघा जगन्नाथ धाम मंदिर में प्रसाद बनाने का ठेका मुस्लिमों को दे दिया जा रहा है। अभी हाल ही में आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर हिंदू धर्म से छीनकर इसाई को वहां बैठाया गया था, जिसका नतीजा सामने है फिश ऑयल और जानवरों की चर्बी से लड्डुओं को बनाया जाना पाया गया । सरकार लालच की वजह से मठ-मंदिरों को विधर्मियों के हाथों में सौंप देती हैं। मंदिर कई करोड़ों हिंदु लोगों की आस्था का केंद्र है। सुमन शील ने प्रेस विज्ञप्ति एवं पत्र भेजकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से विनती किया है कि दीघा के जगन्नाथ धाम मंदिर का शुद्ध-अशुद्ध और भगवान को सुलाने-जगाने की सारी प्रक्रिया साधु और संत के हिसाब से करें। मुस्लिमों के प्रति अंधभक्ति में सनातन धर्म के विरुद्ध कोई कार्य न करें और भारत सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह से निवेदन किया है इसे समय रहते संज्ञान में लें।




