स्व. ईशा पाल को दी गई श्रद्धांजलि पिता ने कहा 1 साल बाद भी ईशा पाल को प्रताड़ित कर मारने वाले ससुराल वालों के खिलाफ नही हुई कोई कार्रवाई

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स्व. ईशा पाल को कोहका नगर पुरानी बस्ती में क्षेत्रवासी एवं स्थानीय बंगाली समाज के सदस्यों की उपस्थिति में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज के प्रदेशाध्यक्ष सुमन शील सहित सभी उपस्थित लोगों ने ईशा पाल के तेलचित्र पर फूल अर्पित कर तथा द्वीप जलाकर नमन करते हुए दो मिनट का मौन रखकर आत्मशांति के लिए प्रार्थना की गई। वहीं अब तक उनके अपराधियों को सजा नहीं मिल पाने पर गहरा अफसोस व्यक्त किया गया।

मृतिका ईशा पाल की शिक्षिका श्रीमति कृतिलता देशमुख ने मृतका को कहा था मत करो अभी शादी ..

भिलाई सेक्टर 7 बीएसपी स्कूल की शिक्षिका कृतिलता देशमुख ने कहा कि कम उम्र की लड़की जिससे प्यार करे वो लड़का अच्छा होगा और घर वालों के विपरीत जाकर शादी के लिए लड़की जिद कर लेते है और उसका ही परिणाम है, यह दुर्घटना जो हुई है। 23 वर्षीय ईशा ने अपने परिवार की बात नहीं मानी उस समय वह शादी करने से मना कर देती तो आज या दुर्घटना नहीं होती । दुर्घटना की जो बातें सामने आ रही है और ईशा पाल के साथ जो गलत हुआ है आने वाले समय में किसी और के साथ ना हो उसके लिए पुलिस प्रशासन को थोड़ा न थोड़ा कदम उठाना चाहिए ।

पिता ने लगाया दहेज के चलते षड्यंत्र के तहत हत्या कर मेरी बेटी ईशा पाल को मारा गया …

मृतका के पिता सुबीर नंदी ने आरोप लगाते हुए कहां की 2 लाख रुपए दहेज ना दे पाने के कारण मेरी पुत्री ईशा पाल को मारपीट कर लड़की वाले कई बार घर से बाहर निकाल देते थे, अंतिम क्षण में भी 2 माह पहले मारपीट कर घर से निकाल दिया गया था परंतु मैं मेरी लड़की के पति सुजय पाल एवं उनके दोस्तों के बातों में आकर ससुराल भेज दिया और लड़की पैदा करने के चलते षड्यंत्र रूप से मार दिया गया । ससुराल के लोग लोग बराबर दहेज की मांग करते थे हमने अपनी हैसियत से ज्यादा दिया था । झूठ बोलकर उम्र छुपा कर शादी हुई। पुलिस प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नही की है।

कोहका निवासी भानु देशमुख ने कहा परिवार के साथ हम खड़े है। मृतिका ईशा पाल को न्याय दिलाने के लिए जो भी आंदोलन करना पड़े हम करेंगे ।

भिलाई कैम्प 2 संतोषी पारा विवेकानंद नगर के 23 वर्षीय ईशा पाल का 23 नवम्बर 2024 को ससुराल निवास पर आगजनी घटना के उपरांत 2 घंटे से अधिक समय तक घर पर झुलसी अवस्था में रखा गया था, जिसके बाद चले इलाज के दौरान 7 दिसम्बर के शाम को मृत्यु हो गई। ज्ञात हो कि भिलाई कोहका वर्तमान निवासी सुबीर नन्दी की बड़ी पुत्री की शादी साल 2021 में भिलाई कैम्प 2 विवेकानंद नगर बंगाली मोहल्ला में पाल परिवार के छोटे पुत्र सुजय पाल से हुई थी । स्व ईशा पाल की डिलीवरी के 11 दिन की बच्ची को जन्म देने के उपरांत 23 नवंबर को छावनी पुलिस थाना क्षेत्र विवेकानंद नगर अपने ससुराल निवास पर बच्ची को आग तापते समय पीछे से कपड़ा में आगजनी की घटना से 43 प्रतिशत के करीब झुलस गई थी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर घर में घटना के समय पीछे से कैसे आग लग गई , बच्ची को आग तापते समय आगजनी घटना में बच्ची को किसी भी तरह का खरोच क्यों नही लगा, मौके स्थल पर सास पुतुल पाल के रहने के बावजूद आगजनी को बढ़ते होने से क्यों नही रोका गया ओर तो ओर घर पर सास एवं ससुर एवं रिहायशी इलाका होने के बाद भी तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजने के बजाए ईशा पाल को घटना स्थल से उठाकर अंदर घर के भीतर ले जाकर कई घंटे तक घर पर क्यों रखा गया । पति सुजय पाल के आने के बाद लोगों के कहने के बावजूद घटना की सूचना स्थानीय पुलिस थानों को क्यों नहीं दी गई एवं 112 तक को कॉल कर एंबुलेंस तक क्यों नही बुलाया गया । इलाज के लिए एम्बुलेंस के बजाए प्राइवेट ऑटो में लेकर गए थे । जिसके चलते इलाज के दौरान 7 दिसम्बर को ईशा पाल की मृत्यु हुई है पिता ने आरोप लगाया है । शोक सभा में मुख्य रूप से मृतिका के पिता सुबीर नन्दी, बहन प्रिया नन्दी, छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज के प्रदेशाध्यक्ष सुमन शील, बीएसपी सेक्टर 7 की शिक्षिका कृतिलता देशमुख, भानु देशमुख, अमिताभ चटर्जी, अजय सरदार, संजय सरदार, सुकुमार बनर्जी, सुब्रत राय, अनिल रावत, सुधीर सिंह, हर्षित पांडे, सचिन पासवान, रवि सिंह, हर्ष वर्मा, सरस्वती बैनर्जी, प्रीति पाटिल, अमृत कौर, दिव्या पाटिल सहित बड़ी संख्या मे लोग मौजूद थे ।

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