क्रेन वाहन के मालिक डी सोम शेखर के विदेश में रहने के दौरान उनका जाली हस्ताक्षर, फेसबुक से पुराने फोटो निकालकर आरटीओ कार्यालय में फर्जी शपथपत्र जमा कर वाहन को अपने नाम पर भिलाई सेक्टर 4 निवासी सोमनाथ जयसवाल के ऊपर ट्रांसफर किए जाने का है आरोप। श्रीराम फाइनेंस कंपनी ने डी सोम शेखर के अनुपस्थिति एवं उनके हस्ताक्षर के बगैर दे दी है एनओसी (NOC) का कागजात। शिकायत करने के बावजूद पुलिस प्रशासन के पास एक साल से भटक रहा है वाहन व क्षतिपूर्ति को पाने के लिए परिवार, प्रथम शिकायतकर्ता डी वेंकट राव का अक्टूबर माह में हो गया है स्वर्गवास। परिवार वाले सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील से मिलकर अपनी व्यथा एवं समस्या से कराया अवगत ।



भिलाई: क्रेन वाहन के मालिक के फर्जी हस्ताक्षर एवं फर्जी दस्तावेज बनाकर वाहन अपने नाम कराने की शिकायत वाहन मालिक एवं उनके परिवार के जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक नाम पर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। दिए गए शिकायत में सोम शेखर ने बताया कि उसने श्रीराम फाइनेंस से साल 2012 में फाइनेंस कराकर क्रेन वाहन सीजी 04 डीएम 2011 क्रय किया था। जिसे 2 साल तक प्राइवेट में स्वयं वाहन को चला रहे थे, 2 साल चलाने के बाद साल 2014 में क्रेन वाहन को के एल इंजीनियरिंग के संचालक लखविंदर सिंह के पास वाहन को किराया में किश्त जमा करने के शर्त पर संचालित के लिए दिया गया था। वाहन को देने के पश्चात आंध्रा प्रदेश में काम करने चले गए थे और उसके बाद साउदी अरब में काम मिलने के बाद साउदी जाकर रहने लगे। गाड़ी किश्त का बकाया कई महीने ना पटाने पर घर पर श्रीराम फाइनेंस के लोग पहुंचते थे, तब जानकारी मिलने पर लखविंदर सिंह को बताने पर बकाया राशि देते थे। कोरोना के कारण चाहकर भी भारत में नही आने के कारण वाहन के किश्त की सही जानकारी नही मिल पाता था । कई वर्षों बाद अचानक श्रीराम फाइनेंस कंपनी के बकाया राशि लेने के लिए घर पर पहुंचने से जानकारी होता है कि क्रेन वाहन का अभि तक किश्त पूरी नहीं पटा है। किश्त नही पटने की जानकारी लेने के लिए साल 2020 में लखविंदर सिंह को फोन करने पर पता चलता है कि कोराना के समय उनका देहांत हो गया है। वाहन की जानकारी पता करने पर सेक्टर 4 निवासी सोमनाथ जयसवाल नामक व्यक्ति के पास रखा हुआ है और सोमनाथ जयसवाल द्वारा क्रेन वाहन को बीएसपी के भीतर में चला रहा है। बकाया वाहन की किस्त को लेकर श्रीराम फाइनेंस की ओर से बार बार परेशान करने के चलते बकाया राशि को पिताजी के द्वारा 1 लाख 35 हजार रुपए जमा कराया गया। वाहन के संबंध में पता चलने पर फोन द्वारा सोम जयसवाल से जानकारी लेने पर सोमनाथ जयसवाल की ओर से बताया गया है कि वह बहन को खरीद चुका है । उसके बाद आरटीओ आदि से दस्तावेज निकालने पर पता चलता है कि उनके अनुपस्थिति में उनके नाम का गलत तरीके से हस्ताक्षर तथा गलत तरीके से नोटरी आदी दस्तावेज बनाकर वाहन को सोमनाथ जयसवाल ने अपने नाम से कर लिया है। जिसके खिलाफ में वकील के माध्यम से सोमनाथ जयसवाल को नोटिस दी गई, जिसका जवाब तक नही दिया गया। डी सोम शेखर का आरोप है कि श्रीराम के मैनेजर के साथ मिलीभगत कर भिलाई सेक्टर 4 निवासी सोमनाथ जयसवाल ने उनके वाहन के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और रायपुर आरटीओ कार्यालय में गलत दस्तावेजों को तैयार कर उनके अनुपस्थिति एवं भारत देश से बाहर में रहने के बावजूद उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए। फर्जी हस्ताक्षर कर उनके वाहन को सोमनाथ जयसवाल ने अपने नाम करा लिया। इसका पता उनको एसडीएम कार्यालय से ही अपने एक परिचित के माध्यम से लगा। पता लगने पर उन्होंने उक्त लोगों से संपर्क किया। उक्त लोगों ने उनकी बात का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। परेशान होकर जीवित अवस्था में पिताजी डी वेंकट राव ने साल 30 दिसम्बर 2024 को छावनी नगर पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत की ओर भट्टी पुलिस थाना में जांच भी हुई। जांच कर कोई कार्रवाई नही किए जाने पर 23 अप्रेल 2025 को पुलिस अधीक्षक के पास लिखित रूप से शिकायत फिर की गई। एक साल तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर मानसिक रूप से परेशान होने के कारण पिताजी के स्वास्थ्य बिगड़ने से अक्टूबर माह में मृत्यु हो गई। भारत में आने के बाद सभी दस्तावेज लगाकर 4 दिसम्बर को पुलिस अधीक्षक के पास मेरी ओर से लिखित शिकायत दी गई, जिसकी जांच पद्मनापुर थाने में महीने भर से की जा रही है। जांच की कार्रवाई से अब तक संतुष्ट न होने पर पुनः धर्मपत्नी डी संगीता एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील उपस्थिति में जिला कलेक्टर कार्यालय में पुलिस अधीक्षक के पास पुनः शिकायत दर्ज कराई गई है ।





