अहमदाबाद में हुए भयावह विमान दुर्घटना ने एक पल में कई लोगों की जिंदगी के साथ कहानी अधूरी छोड़ चल दिए …

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गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार दोपहर एक भयावह विमान दुर्घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है ।इसमें जान गंवाने वाले क्रू मेंबरों की कहानी बहुत दर्दनाक और प्रेरणादायक हैं. जिसमें एक पायलट रिटायरमेंट के कगार पर थे, एक समर्पित फ्लाइट अटेंडेंट लड़की जो अपने गांव की हर बेटी को सपने देखने की हिम्मत दी थी। जानें उनमें से कुछ लोगों की कहानी।

पायलट सुमीत सभरवाल: आखिरी उड़ान का अनकहा वादा 60 साल के कप्तान सुमीत सभरवाल के रिटायरमेंट के कुछ महीने बाकी थे। जिसके बाद वह अपने पिता के साथ ज्यादा वक्त बिताने की योजना बना रहे थे। सभरवाल की आखिरी उड़ान ने उनके परिवार और पवई की गलियों को सन्नाटे में डुबो दिया है।

दीपक पाठक: परिवार का वो बेटा, जो कभी अपनी जिम्मेदारी नहीं भूलाबदलापुर के दीपक पाठक 11 साल से एयर इंडिया का हिस्सा थे। हर उड़ान से पहले मां को फोन करना उनकी आदत थी। हादसे वाले दिन भी उन्होंने ऐसा ही किया। “उसका फोन आया था, हमने सोचा सब ठीक है, परिवार ने रोते हुए बताया। दीपक का समर्पण और उसकी मुस्कान अब सिर्फ यादों में बची है।

सैनिता चक्रवर्ती : ‘पिंकी’ की अधूरी कहानी 35 साल की सैनिता चक्रवर्ती, जिन्हें प्यार से ‘पिंकी’ बुलाया जाता था, जुहू कोलीवाड़ा की वो बेटी थीं, जिन्होंने मेहनत से अपने सपनों को पंख दिए। गो एयर छोड़कर हाल ही में एयर इंडिया से जुड़ी थीं। मैथिली मोरेश्वर पाटिल : गांव की शान, बेटियों का सपनापनवेल के न्हावा गांव की 24 साल की मैथिली मोरेश्वर पाटिल वो सितारा थीं, जिन्होंने साधारण परिवार से निकलकर आसमान छूने का हौसला दिखाया । रोशनी राजेंद्र सोंगारे : उड़ान भरती जिंदादिली 27 साल की रोशनी राजेंद्र सोंगारे डोंबिवली की वो बेटी थीं, जिन्होंने हाल ही में एयर इंडिया में कदम रखा था. एयर होस्‍टेस बनना उनका बचपन का सपना था। उनके इंस्टाग्राम पर करीब 54,000 फॉलोअर्स थे। जो उनकी जिंदादिली के दीवाने थे. हादसे की खबर सुनते ही उनके माता-पिता और भाई मुंबई हवाई अड्डे दौड़े ।

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