भारत की धरती पर अब दोबारा कोई बाबरी मस्जिद बनने नही दिया जाएगा .. सुमन शील

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6 दिसम्बर को केवल हिन्दू शौर्य दिवस मनाया जाएगा।

पश्चिम बंगाल भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर द्वारा 6 दिसम्बर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखने की बात करने के विरुद्ध में छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज के प्रदेशाध्यक्ष एवं साल 1992 के कारसेवक रहे सुमन शील ने कहा है कि बंगाल के 70 फीसदी आबादी क्षेत्र मुर्शिदाबाद तो दूर भारत देश के किसी भी कोने में अब कोई दुबारा बाबरी मस्जिद बनने नही दिया जाएगा तथा इतिहास के पन्नो में हमेशा 6 दिसम्बर शौर्य दिवस के रुप में जाना जाएगा। भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर 6 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखने के लिए बेलडांगा में जगह पक्की करने का काम शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं । उनकी मंशा कभी पूरी नहीं हो सकती क्योंकि इस भारत की धरती पर अब दोबारा कोई बाबर पैदा ही नहीं होगा जो भारत की भूमि पर फिर से कोई बाबरी मस्जिद बना ले।

सुमन शील ने आगे कहा है कि पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद जिला में मुसलमानों की आबादी 70 फीसदी से ज्यादा है। हुमायूं कबीर खुद को मुस्लिमों के कट्टर नेता एवं मुस्लिमों के बीच लोकप्रिय बनने के लिए बाबरी मस्जिद बनाने की बात करके हिन्दू मुस्लिम को लड़ाकर अपनी राजनीति करना चाह रहे है । हुमायूं को यह हिम्मत कहीं ना कहीं देश के राजनीतिक दल टीएमसी एवं भाजपा के वोट बैंक विचारधाराओं ने दी है । मुर्शिदाबाद में 70 फीसदी मुस्लिम आबादी वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश के लिए साल 2019 में भाजपा ने हुमायूं कबीर को भाजपा में शामिल करके लोकसभा चुनाव लड़ाए थे लेकिन हार के बाद फिर से टीएमसी में शामिल हो गए और 2021 में टीएमसी से टिकिट पाकर हुमायूं कबीर भरतपुर से विधायक बने । विधायक बनने के बाद हुमायूं कबीर ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है पर बाबरी मस्जिद बनाने की बात करने वाले हुमायूं को बता दें कि भारत देश के किसी भी कोने में 100 फीसदी मुस्लिम आबादी स्थानों में भी बाबर का बचा हुआ कोई वंशज या समर्थक बाबरी मस्जिद को नहीं बना सकता है।

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