पर्व को लेकर बंगाली समाज के नवविवाहित बेटी-दामाद वाले परिवारों में उत्साह का माहौल |
भिलाई 1 जून: बंगाली समाज का लोकप्रिय पर्व जमाई षष्ठी रविवार को है । यह पर्व जेठ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। पर्व को लेकर सुबह से ही मंदिरों में बंगाली समाज के लोग पूजा के लिए जुटते हैं । मंदिर में पूजा के बाद घरों में जमाई की पूजा की जाती है। सास-बेटी समेत अपने जमाइयों का सत्कार करते है। जमाई के माथे पर चंदन और दही का तिलक लगाया जाता है। वहीं पूजन में अर्पित हल्दी और कच्चा सूत सास अपनी बेटियों व जमाई की कलाई में बांधते हैं । जमाइयों को उनकी पसंद का पकवान समेत छह प्रकार की मिठाई और छह प्रकार का फल परोसा जाता है और जिसमें मुख्य रूप से मछली, पक्का आम, पक्का कटहल, मीठा दही और संदेश होगा । जमाइयों द्वारा सास का आशीर्वाद लेने के बाद सास-जमाई के बीच उपहार के आदान-प्रदान का भी रिवाज है। इस पर्व को लेकर नवविवाहित बेटी-दामाद वाले परिवारों में खासा उत्साह रहता है। जमाई भी इस खास दिन के लिए पहले से तैयार रहते हैं। कोलकाता पश्चिम बंगाल में सरकार जमाईयो के चेहरों में खुशी लाने के लिए इस दिन राज्य सरकार जल्दी छुट्टी दे देते है।

जमाई षष्ठी पर आधुनिकता का असर … आधुनिक युग में अब शहरी क्षेत्रों में अधिकतर लोग रेस्तरांओं में जाने लगे हैं और आधुनिकता का रंग जमाई षष्ठी के पारंपरिक त्योहार पर भी चढ़ने लगा है |

