सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील से मुलाकात कर डी सोम शेखर एवं उनके परिवार ने बताई क्रेन वाहन को हड़पने की व्यथा और दिखाया बने हुए वाहन के फर्जी दस्तावेज

Spread the love

सऊदी अरब जाने से पहले क्रेन वाहन मालिक डी सोम शेखर एवं उनके परिवार के साथ सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर 27 दिसम्बर 2025 को पत्नी श्रीमती डी संगीता के नाम पर मुख्यारनामा बनाकर उनके उपस्थिति में जिला पुलिस अधीक्षक के नाम पर दस्तावेज के साथ पुनः शिकायत आवेदन जमा कराया गया। सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील छत्तीसगढ़ भिलाई में हुई इस घटना के संबंध में अपराधियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कराने एवं आने वाले समय में दुबारा इस तरह की घटना न हो उसके लिए उच्च अधिकारी से लेकर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा से करेंगे मुलाकात।

क्रेन वाहन के मालिक का फर्जी हस्ताक्षर एवं फर्जी दस्तावेज बनाकर वाहन अपने नाम करने की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने होने के संबंध में वाहन मालिक डी सोम शेखर, उनकी धर्मपत्नी डी संगीता एवं उनके परिवार के सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील से मुलाकात कर अपनी व्यथा से अवगत कराया गया। डी सोम शेखर ने बताया कि अपने परिवार के भरण पोषण के लिए 10 वर्षों से अधिक समय से साउदी अरब में रहकर काम कर रहे है। साउदी अरब में काम में जाने से पहले उसने परिवार के भरण पोषण के लिए श्रीराम फाइनेंस से साल 2012 में फाइनेंस कराकर क्रेन वाहन सीजी 04 डीएम 2011 क्रय किया था। जिसे 2 साल तक प्राइवेट में स्वयं वाहन को चला रहे थे परंतु किश्त पटाने की समस्या के कारण 2 साल चलाने के बाद साल 2014 में क्रेन वाहन को के एल इंजीनियरिंग के संचालक लखविंदर सिंह को किराया में किश्त जमा करने के शर्त पर संचालित के लिए दिया गया था।

वाहन को देने के पश्चात आंध्रा प्रदेश में काम करने चले गए थे और उसके बाद साउदी अरब में काम मिलने के बाद साउदी जाकर रहने लगे। गाड़ी किश्त का बकाया कई महीने ना पटाने पर घर पर श्रीराम फाइनेंस के लोग पहुंचते थे तब पता चलता था कि वाहन किश्त नही पट रहा है, तब जानकारी मिलने पर लखविंदर सिंह को बताने पर बकाया राशि देते थे। किश्त की राशि जमा हो जाने पर फाइनेंस कंपनी कई महीने तक नही आते थे नही आने के कारण वाहन के किश्त की सही जानकारी नही मिल पाता था । कई वर्षों बाद अचानक श्रीराम फाइनेंस कंपनी के बकाया राशि लेने के लिए घर पर पहुंचने से जानकारी होता है कि क्रेन वाहन का अभि तक किश्त पूरी नहीं पटा है। किश्त नही पटने की जानकारी लेने के लिए साल 2020 में लखविंदर सिंह को फोन करने पर पता चलता है कि कोराना के समय उनका देहांत हो गया है। वाहन की जानकारी मेरे अनुपस्थिति में पिताजी एवं रिश्तेदारों की ओर पता लगाया जाता है कि सेक्टर 4 निवासी सोमनाथ जयसवाल नामक व्यक्ति के पास रखा हुआ है और क्रेन वाहन को बीएसपी के भीतर में चला रहा है। वाहन को लेने के लिए पिताजी एवं रिश्तेदार सोमनाथ जयसवाल मांगने पर देने से मना कर देता था। बकाया वाहन की किस्त को लेने के लिए श्रीराम फाइनेंस की ओर से बार बार परेशान करने के चलते वाहन हमारे पास नहीं रहने के बाद भी बकाया राशि को पिताजी के द्वारा 1 लाख 35 हजार रुपए जमा कराया गया परंतु वाहन का एनओसी मेरे अनुपस्थिति में सोमनाथ जायसवाल को दे दी गई। वाहन के संबंध में पता चलने पर फोन द्वारा सोम जयसवाल से जानकारी लेने पर सोमनाथ जयसवाल की ओर से बताया गया है कि वह बहन को खरीद चुका है । उसके बाद आरटीओ आदि से दस्तावेज निकालने पर पता चलता है कि उनके अनुपस्थिति में उनके नाम का गलत तरीके से हस्ताक्षर तथा गलत तरीके से नोटरी आदी दस्तावेज बनाकर वाहन को सोमनाथ जयसवाल ने अपने नाम से कर लिया है। जिसके खिलाफ में वकील के माध्यम से 16 जुलाई 2025 को नोटिस भेजी गई, जिसका जवाब तक नही दिया गया। भट्टी थाने में शिकायत न लेने पर पिताजी स्वर्गीय डी वेंकट राव द्वारा 30 दिसम्बर 2024 को नगर पुलिस अधीक्षक के पास लिखित शिकायत देकर अवगत कराया गया। शिकायत के बाद भट्टी पुलिस थाना में जांच होता रहा पर कोई कार्रवाई नही होने पर 23 अप्रेल 2025 को पुलिस अधीक्षक के पास लिखित रूप से शिकायत फिर की गई परंतु वाहन न मिलने की परेशानी से पिताजी की तबीयत बिगड़ने के चलते अक्टूबर 2025 को उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के उपरांत छुट्टी लेकर भिलाई पहुंचने के बाद पिताजी का कार्यक्रम कर लेने के बाद 4 दिसम्बर को पुलिस अधीक्षक के पास मेरी ओर से लिखित शिकायत दी गई, जिसकी जांच पद्मनापुर थाने में महीने भर से की जा रही है और दस्तावेज जमा करने एवं 27 दिसम्बर को वापस साउदी अरब जाने की बाते बताने के बाद भी सोमनाथ जयसवाल को मेरे रहते बुलाया नही गया।। डी सोम शेखर का आरोप है कि श्रीराम फाइनेंस के मैनेजर के साथ मिलीभगत कर भिलाई सेक्टर 4 निवासी सोमनाथ जयसवाल ने उनके वाहन के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और रायपुर आरटीओ कार्यालय में गलत दस्तावेजों को तैयार कर उनके अनुपस्थिति एवं भारत देश से बाहर में रहने के बावजूद उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए। फर्जी हस्ताक्षर कर उनके वाहन को सोमनाथ जयसवाल ने अपने नाम करा लिया। इसका पता उनको आरटीओ कार्यालय से पता लगने पर उन्होंने उक्त लोगों से संपर्क किया। उक्त लोगों ने उनकी बात से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जांच की कार्रवाई से अब तक संतुष्ट न होने पर पुनः धर्मपत्नी डी संगीता एवं परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में साउदी अरब जाने से पहले 27 दिसम्बर को जिला कलेक्टर कार्यालय में पुलिस अधीक्षक के पास पुनः शिकायत दर्ज कराई गई है । सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील ने दस्तावेजों का अवलोकन करने के उपरांत उन्होंने डी सोम शेखर एवं उपस्थित परिवार के सदस्यों को आश्वासन देते हुए कहां है कि अपराध करने वालों के संबंध में कि शिकायत उच्च अधिकारी एवं मुख्य सचिव के पास की जाएगी और उसके उपरांत भी अगर कोई कार्रवाई नहीं होता है तो इस प्रकरण को न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा क्योंकि यह बहुत ही बड़ा गंभीर अपराध है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *