कालीबाड़ी के प्रांगण में स्थित मां दुर्गा पंडाल में बंगाली परम्परा का संगम देखने को मिला। यहां दुर्गा माता की पूजा के साथ बंगाली महिलाओं ने सिंदूर खेला की भावुक रस्म भी निभाई गई ।

चैत्र नवरात्रि बासन्ती दुर्गा पूजा के समापन के बाद अकसर माता पांडालों से आंसुओं के साथ खुशी की मुस्कान का अनोखा संगम देखने को मिलता है। लेकिन, छत्तीसगढ़ मिनी भारत भिलाई के सेक्टर 6 कालीबाड़ी में हर बार की तरह इस बार भी बंगाली परम्परा का संगम देखने को मिला। यहां मां दुर्गा की पूजा के साथ बंगाली महिलाओं ने सिंदूर खेला की भावुक रस्म भी निभाई। इस परम्परा के तहत महिलाओं ने सिंदूर से होली खेली। इसे सुहाग की लंबी उम्र और पारिवारिक सुख की कामना का प्रतीक माना जाता है। खास बात ये है कि, शनिवार को आयोजित सिंदूर खेला कार्यक्रम में हर साल की तरह इस साल भी सिंदूर खेला के उपरांत एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण किए।

आपको बता दें कि, इस परंपरा को न सिर्फ बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है, जिसमें हृदयस्पर्शी विदाई का वो क्षण देखने को मिलता है, जहां लाल सिंदूर आंसुओं को रंगीन बना देता है। आयोजन में मुख्य रूप प्रदीप राय, तपन सरकार, संजय दत्ता, सुमन शील, अजय मिश्र, समीर घोषाल, अजय सिन्हा, सुमन कर्मकार, सपन चौधरी, बिशु चक्रवर्ती, प्रसम दत्ता, अभिजीत विश्वास, तपन मजूमदार, आलोक सिन्हा, मन्ना, पिंकी सिन्हा, झरना कवड़, मनोदीपा, मानसी सरकार, मिताली दासगुप्ता, रिमझिम सहित अनेकों मौजूद रहे हैं ।




