क्या दहेज ने ली ईशा पाल की जिन्दगी। ईशा पाल के जेठानी के साथ भी प्रताड़ित किए जाने की जानकारी आया सामने। पाल परिवार के खिलाफ कई लोग गवाह देने को है तैयार।

स्वर्गीय ईशा पाल शादी के 2 साल के भीतर हुई मृत्यु।
भारत में दहेज प्रथा सदियों से स्त्रियों की सबसे बड़ी दुश्मन रही है। यह प्रथा न केवल बेटियों की खुशियों को निगल गई, बल्कि अनगिनत माताओं की गोद भी उजाड़ चुकी है। आज कई सालों के बाद फिर से बंगाली नन्दी परिवार ने अपनी बेटी 23 वर्षीय ईशा पाल को खो दी है। नन्दी परिवार में जन्मी शादी के बाद भिलाई कैम्प 2 संतोषी पारा विवेकानंद नगर बंगाली मोहल्ला के पाल परिवार में जाने के बाद ईशा पाल अपनी मृत्यु से 25 दिन पहल एक बेटी को छोड़ गई, 12 नवम्बर साल 2024 को बेटी जन्म देने के 11 दिन के उपरांत 23 नवम्बर के शाम 6.30 बजे सास के सामने आंखों के सामने छोटी सी कमरे में भीतर आगजनी दर्दनाक घटना में 14 दिन तक जीवन मृत्यु चले संघर्ष के बाद आखिर मौत जीत गई परंतु नन्दी परिवार ने असमय अपनी 23 साल की ईशा पाल के चले जाने को चुपचाप स्वीकार करने से इनकार कर दिया। पिता सुबीर नन्दी, छोटी बहन प्रिया नन्दी ने दहेज के लिए शादी करने वाले दहेज लोभी पाल परिवार एवं पति सुजय पाल के मित्रो के ऊपर ईशा पाल के साथ हुए खिलवाड़ की पूरी घटना छावनी पुलिस थाना प्रभारी को देने के उपरांत छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज को भी लिखित आवेदन दी गई है और समाज से ऐसे दहेज लोभी परिवार के खिलाफ कार्रवाई कराने में सहयोग मांगा है।

पिता सुबीर नन्दी के साथ बेटी ईशा पाल का फोटो ।
7 दिसंबर 2024 को डीके हॉस्पिटल रायपुर में 14 दिन चले इलाज दौरान ईशा पाल नाम की एक महिला की आग लगने से मौत हो गई। शुरूआती से ही मायके वालों के द्वारा आरोप लगाया गया कि पति, ससुर , विवाहित ननद और सास ने दहेज की लालच में ईशा पाल को षडयंत्र के तहत जलाकर मार डाला, हालांकि अब इस प्रकरण में अन्य पहलू सामने आया हैं। मामले की जांच पड़ताल कर ससुराल वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए ईशा पाल के पिता सुबीर नन्दी ने पुलिस प्रशासन आवेदन देने के उपरांत पुनः बंगाली समाज को भी आवेदन दिया है। इस घटना के बाद एक बार फिर समाज में दहेज उत्पीड़न के मुद्दा सामने आया है । सवाल उठता है कि इतने सख्त कानून होने के बाद क्या अब भी बेटियां दहेज लोभियों के लालच की बलि चढ़ती हैं? क्या अब भी भारत में बेटी के माता पिता पर अपनी दहेज रूपी अवैध मांगों को लेकर दबाव बनाया जाता है? शादी के दो साल के अंदर ही दहेज के लालच में भिलाई छत्तीसगढ़ में जन्मी 23 साल की ईशा पाल को मार दिया गया है ? दहेज नाम का ये काला धब्बा के दोषी को सजा दिलाने के लिए ईशा पाल के पिता सुबीर नन्दी ईशा पाल के पति, सास, ससुर और ननद का चेहरा सामने लाने के लिए सामने आए हैं।

