पति सास ससुर समेत विवाहित ननद के ऊपर दहेज हत्या का गंभीर आरोप। पति सुजय पाल तथा दोस्त नाडू के समझाइश पर मायके वाले ने घटना से कुछ ही दिन पहले भेजा था ईशा पाल को ससुराल ।

,भिलाई के विवेकानंद नगर कैंप 2 बंगाली मोहल्ला संतोषी पारा में एक 23 वर्षीय महिला की 11 दिन की डिलीवरी के उपरांत घर के भीतर सास के सामने जलने से इलाज के दौरान 7 दिसम्बर 2024 को मौत हो गई थी, मृतका ईशा पाल को जलाकर संदिग्ध मृत्यु के संबंध में वैधानिक जॉच कर पति सुजय पाल, सास पुतुल पाल, ससुर दुलाल पाल एवं विवाहित ननद ममता पाल को आरोपी बनाकर अपराध पंजीबद्ध करने की मांग छावनी पुलिस थाना प्रभारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक के पास लिखित आवेदन देकर मृतिका के पिता सुबीर नन्दी एवं छोटी बहन के द्वारा की गई है। आरोप है कि ससुराल वालों ने दहेज के लालच एवं लड़की जन्म देने के कारण ईशा पाल को षड्यंत्र से जलाकर मार दिया। ये घटना 23 नवम्बर 2024 की है जब झुलसी हुई महिला को दो घंटे तक घर में रखने के बाद प्राइवेट वाहन से पहले एक प्राइवेट अस्पताल से फिर भिलाई के सेक्टर 9 अस्पताल और फिर दुर्ग जिला चिकित्सालय ले जाने के बाद रात्रि के 24 नवम्बर 12.30 बजे मरीज की स्थिति को देखते हुए रायपुर डीके हॉस्पिटल रेफर किया गया, लेकिन 14 दिन तक चले इलाज के उपरांत उसकी मौत हृदय श्वसन विफलता से हो गई। मृतका ईशा पाल की पिता, छोटी बहन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद मृतका के ससुराल पक्ष के ख़िलाफ़ छावनी पुलिस थाना तथा नगर पुलिस अधीक्षक छावनी में लिखित शिकायत दर्ज किया है। शिकायत में आरोपी पति सुजय , सास पुतुल पाल, ससुर दुलाल पाल, विवाहित ननद ममता के ऊपर प्रताड़ित करने, घर बनाने के लिए 2 लाख रुपए मांगने, मानसिक कष्ट देने का नामदर्ज आरोप लगाया गया है।

शिकायत में ईशा पाल को कई बार ससुराल वालों के द्वारा रुपए ना लाने के कारण मारपीट कर घर से निकालने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि लड़के वाले अपने लड़के का सही उम्र छुपाते हुए लड़की से शादी की गई । शादी में विवाह का पूरा खर्चा करने के साथ अपने क्षमता के अनुसार लड़के को 1 तोले से अधिक का गले का चैन, पुस्तिदि अंगूठी, लड़की को सोने का हार, झुमका, नथनी, सोना लगा हुआ बंगाली सफेद शाखा, लाल पला, परंपरागत जेवरात एवं समस्त घरेलू सामग्री उपहार देकर विदा किया गया था। विवाह के कुछ दिनों के उपरांत से ही ससुराल वालों के द्वारा प्रताड़ित करने के कारण डिलीवरी के पूर्व घर आ गई थी परन्तु पति सुजय पाल अपने आत्महत्या की धमकी देकर तथा दोस्त नारू के समझाइश पर ईशा पाल को ससुराल भेजा गया परन्तु दो लाख रुपए ना लाने के चलते सास ससुर घर में घुसने नहीं दिया गया । इन सभी जानकारी से छुपाते हुए पति सुजय पाल एवं इनके मित्रों के द्वारा मेरी लड़की ईशा पाल का मोबाइल फोन अपने पास रखकर दुर्ग में किराया का मकान लेकर कई दिनों तक रखा गया था। आगजनी घटना की जानकारी भी मुझे एवं स्थानीय पुलिस थाना में ससुराल वालों की ओर से नही दी गई। घटना के समय सास के सामने रहने के बावजूद आग को बुझाने के लिए नाही कोई प्रयत्न किया गया । मृत्यु के पश्चात कुछ ही महीनों के उपरांत सास ससुर के द्वारा सुजय पाल की शादी कराने के लिए लड़की देखना तक प्रारंभ किया गया, जिसे समाज के लोगों द्वारा आपत्ति की गई। कुछ महीनों के बाद से नतनी से मिलने नही देना अनेकों प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। मृतक ईशा पाल की जेठानी के साथ भी सुजय पाल के परिवार द्वारा प्रताड़ित किया जाता रहा है, जिसके कारण कई सालों से जेठानी अपने ससुराल और पति से अलग रहकर रायपुर में बच्चे को लेकर रहती है तथा जानकारी के अनुसार तलाक़ लेने के लिए कोर्ट में केस दर्ज किया हुआ है ।

7 दिसंबर 2024 को ईशा पाल के मृत्यु हो जाने के बाद 8 दिसम्बर को ननद ममता एवं सास पुतुल पाल, ससुर दुलाल पाल के द्वारा ईशा पाल के मृत शरीर को घर में घुसने से रोकने का भी कार्य किया गया था, बाद में समाज के दबाव में घर में रात्रि के समय मृतक के शरीर को फ्रिजर में रखा गया । घटना संदिग्ध एवं परिवार के व्यवहार व शादी के बाद से रुपए के लालच में मृतिका के साथ हुए प्रताड़ित मानसिक कष्ट दिए गए कारणों को देखते हुए मायके वालों ने पुलिस से ससुराल एवं स्थानीय लोगों से पूछताछ के साथ सही जांच कर पति , सास ससुर और ननद के ऊपर विभिन्न धाराओं के साथ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

