13 मई को छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज एवं भिलाई नगर कालीबाड़ी समिति के संयुक्त तत्वाधान में किया गया आयोजन ।

भिलाई नगर सेक्टर 6 कालीबाड़ी में सोमवार 13 मई को छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज एवं भिलाई नगर कालीबाड़ी समिति के संयुक्त तत्वाधान में गोपाल चंद्र मुखोपाध्याय उर्फ गोपाल पाठा का 112 जन्म जयंती हिन्दू बंगाल टाइगर दिवस के रुप में मनाया गया । आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम सेक्टर 6 कालीबाड़ी के पण्डित मानस मिश्र ने गोपाल पाठा के चित्र पर तिलक लगाकर एवं माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किया तथा उपस्थित सदस्यों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संजय दत्ता ने कहा कि साल 1946 में मुस्लिम लीग के गुंडों के द्वारा हिंदुओं के ऊपर भयानक नरसंहार आरंभ किया गया था, जिसे रोकने और हिंदुओं महिलाओं को बचाने के लिए गोपाल पाठा ने बम हथियार इकट्ठा कर भारतीय जातीय बाहिनी हिंदू संगठन बनाकर दंगाइयों को सबक सिखाने निकल पड़े और हिन्दू महिलाओं की रक्षा की गई। गोपाल पाठा ने कोलकाता को बर्बाद होने से बचा लिया। छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज के प्रदेशाध्यक्ष सुमन शील ने कहा कि गोपाल पाठा कभी भी कट्टरपंथी नही थे, हिंदू बंगाल टाइगर गोपाल पाठा ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने वाले कसाई का धंधा करते थे और जैसे को तैसा के पक्षधर निति के थे। मुस्लिम दंगाइयों में जब दहशत फैल गई तब गांधी जी मुस्लिम के पक्छ में कोलकाता में आकर अनशन प्रारंभ किया था और उन्होंने खुद गोपाल पाठा को दो बार बुलाया लेकिन गोपाल पाठा ने स्पष्ट आने से मना कर दिया था। तीसरी बार जब एक कांग्रेस के स्थानीय नेता ने प्रार्थना की कम से कम कुछ हथियार तो गांधी जी के सामने डाल दो तब गोपाल पाठा ने कहा की जब हिंदुओं की हत्या हो रही थी तब तुम्हारे गांधी जी कहां थे । मैंने इन हथियारों से अपने इलाके की हिंदू महिलाओं की रक्षा की है, मैं हथियार नहीं डालूंगा । वर्तमान में देश में चल रहे हिंदुओं के ऊपर आए दिन हो रहे अत्याचार तथा आतंकियों को समर्थन करने वाला देश पाकिस्तान को भी सबक सिखाने के लिए वर्तमान भारत सरकार को भी गोपाल पाठा के नीति को अपनाना पड़ेगा तभी भारत देश एवं हिंदू धर्म सुरक्षित रहेंगा । कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सदस्यों द्वारा मंदिर में विराजमान सत्यनारायण भगवान के सामने गोपाल पाठा के नाम पर पूजा अर्चना की गई और प्रसाद बांटा गया तथा सरकार से हिंदू समाज के हर घर घर में अस्त्र रखे जाने का परमिशन दिए जाने के संबंध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपे जाने का भी निर्णय लिया गया। कार्यक्रम का आभार व्यक्त अजय सिन्हा के द्वारा किया गया ।

कार्यक्रममें में मुख्य रूप से पंडित मेजदा, तपन मजूमदार, धनंजय राठी, विश्वजीत डे , नरसिया सहित अनेकों मौजूद थे।

