बांग्ला नववर्ष पर छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज ने निकाली सुबह नगर कीर्तन , गले लगाकर बंगाली समाज ने भाईचारा का परिचय देते हुए घर घर जाकर दी गई बधाई ….

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बांग्ला 1432 नववर्ष के अवसर पर छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज भिलाई के सदस्यों द्वारा प्रात: काल 5 बजे से नगर कीर्तन निकालकर नव वर्ष की बधाई दी गई। विभिन्न पारंपरिक वाद्ययंत्र के संगत मे नगर कीर्तन में शामिल समाज के लोगों ने हरे कृष्ण हरे राम का धुन गाते बजाते हुए 15 किलोमिटर नगर की परिक्रमा की गई । खुर्शीपार सुभाष नगर कृष्ण चौक से प्रारंभ होते हुए सुभाष नगर काली मंदिर होते हुए कैंप 2 विवेकानंद नगर बंगाली मोहल्ला का भ्रमण करते हुए पुनः कृष्णा चौक प्रांगण पहुंचकर समापन किया गया । नगर कीर्तन में बंगाली समुदाय के सैकड़ों लोग सहित समाज के प्रदेशाध्यक्ष सुमन शील उपस्थित थे। वहीं प्रात: काल के शांत सौम्य मुहूर्त पर कीर्तन की धुन से एक आलौकिक परिवेश परिलक्षित हुआ। इस तरह नववर्ष का स्वागत भक्तिसुलभ भाव से की गई।

बंगला नववर्ष 1432 के प्रथम दिवस पर बंगाली समुदाय के लोगों ने परिक्रमा के दौरान रास्ते भर में स्थापित मंदिर व देवालयों मे पूजा अर्चना की तथा बंगाली समाज के घर-घर जाकर लोगों को बधाई दी गई, जहां इस मौके पर लोगों ने भी नगर कीर्तन करने वाले लोगों का स्वागत पुष्प का माला पहनाकर करते हुए उनका मुंह मीठा कराया गया । खुर्सीपार सुभाष नगर कृष्णा चौक परिसर पहुंच कर बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने आतिशबाजी एवं नाचते गाते रंगों के साथ होली खेलते हुए एक दूसरे को नव वर्ष कि बधाई दी गई । इस अवसर पर मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज के प्रदेशाध्यक्ष सुमन शील, मिथुन हालदार, परिमल शाहा, नरेश शील , दीपाल सरकार, सुजीत शील, सपन राय, मिलन राय, उत्तम विश्वास, तुलसी राय, सुजाता पान, ममता पान, सपना सरकार, सुनीता मांझी, पुतुल दत्ता, शिल्पी साहा, कानन मिस्त्री, अल्पना शील, प्रिया मजूमदार, जमुना मंडल, गौरी दत्ता, सुषमा शाहा, कल्पना मजूमदार, पुतुल दत्ता, नर्मदा राय सहित आने को मौजूद थे । उपरोक्त जानकारी छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज के सहमीडिया प्रभारी सुप्रभात शील ने दी है।

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